उत्तर प्रदेश के मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव सकवाई में मधुमक्खियों के हमले से एक दर्दनाक हादसा हो गया। घर से दूध लेने निकली एक वृद्धा पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। जान बचाने के लिए वह घर की ओर भागीं, लेकिन इस दौरान उनकी बहू, नाती-नातिन समेत कई ग्रामीण भी हमले की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल वृद्धा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सुबह की दिनचर्या बनी हादसे का कारण
सकवाई गांव निवासी स्वर्गीय बालिस्टर सिंह की पत्नी सुधीरा देवी (60) रविवार सुबह करीब आठ बजे दूध लेने घर से निकली थीं। घर से थोड़ी दूरी पर स्थित नीम के पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा हुआ था। जैसे ही वह पेड़ के पास पहुंचीं, मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
बचाने आए परिजन भी हुए घायल
हमले से घबराई वृद्धा जान बचाने के लिए घर की ओर दौड़ीं, लेकिन मधुमक्खियों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। उनकी चीख-पुकार सुनकर बहू सपना देवी (35), नातिन परी और पांच वर्षीय नाती शौर्य उन्हें बचाने पहुंचे, लेकिन मधुमक्खियों ने उन पर भी हमला कर दिया। इस दौरान आसपास के कई ग्रामीण भी घायल हो गए।
करीब 10 से 12 लोगों ने मौके पर पहुंचकर आग जलाकर धुआं किया, जिसके बाद मधुमक्खियां वहां से हट गईं।
अस्पताल पहुंचने पर हुई मौत
गंभीर रूप से घायल सुधीरा देवी को तत्काल कस्बे के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया।
गांव में दहशत का माहौल
मृतका के दो पुत्र राम प्रताप सिंह राठौर और नवीन हैं। घटना की जानकारी राजस्व विभाग के लेखपाल को दे दी गई है। वहीं इस घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द ही मधुमक्खियों के छत्ते को हटवाने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।