लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश को लेकर अब सख्ती और तेज कर दी गई है। लगातार निगरानी और प्रशासनिक निर्देशों के बाद नामांकन की गति में सुधार हुआ है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में बच्चे दाखिले से वंचित हैं। वर्तमान में 71,195 सीटें खाली पड़ी हैं, जिस पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।

अब तक कितना हुआ नामांकन

प्रदेश में कुल 1,95,740 सीटों के मुकाबले अब तक 1,24,545 बच्चों का दाखिला हो चुका है। यह कुल लक्ष्य का लगभग 63.6 प्रतिशत है। शासन स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि समय पर सभी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा सके।

सख्त निगरानी के बाद बढ़ी रफ्तार

मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने साफ किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद पिछले कुछ दिनों में नामांकन प्रक्रिया में तेजी देखी गई है।

22 अप्रैल तक जहां 1,08,866 बच्चों का ही दाखिला हुआ था, वहीं अगले चार दिनों में 15,679 नए नामांकन दर्ज किए गए। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को रोजाना प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पूरा सिस्टम सक्रिय मोड में काम कर रहा है।

कई जिलों में अब भी हजारों सीटें खाली

सख्ती और निगरानी के बावजूद बड़े जिलों में अभी भी हजारों सीटें खाली हैं। जमीनी स्तर पर या तो अभिभावकों तक पूरी जानकारी नहीं पहुंच पा रही है या फिर निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें सामने आ रही हैं।

इन 10 जिलों में सबसे ज्यादा खाली सीटें

  • कानपुर नगर: 6784 सीटें खाली (कुल 9650, प्रवेश 2866)
  • लखनऊ: 5232 सीटें खाली (कुल 16784, प्रवेश 11552)
  • मुरादाबाद: 3878 सीटें खाली (कुल 7124, प्रवेश 3246)
  • गाजियाबाद: 3874 सीटें खाली (कुल 6083, प्रवेश 2209)
  • वाराणसी: 3300 सीटें खाली (कुल 8625, प्रवेश 5325)
  • मेरठ: 3247 सीटें खाली (कुल 5552, प्रवेश 2305)
  • अलीगढ़: 3207 सीटें खाली (कुल 5519, प्रवेश 2712)
  • आगरा: 2803 सीटें खाली (कुल 8112, प्रवेश 5309)
  • गौतमबुद्धनगर: 2620 सीटें खाली (कुल 4330, प्रवेश 1710)
  • झांसी: 2140 सीटें खाली (कुल 4665, प्रवेश 2525)