पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नतीजों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूरी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस चुनाव में प्रशासनिक स्तर पर गंभीर अनियमितताएं हुईं और मतगणना के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
टीएमसी ने चुनाव परिणामों की विस्तृत समीक्षा के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित की है, जो हार के कारणों के साथ-साथ कथित गड़बड़ियों की जांच करेगी।
‘मैं इस्तीफा देने नहीं जाऊंगी’
मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे इस्तीफे को लेकर सवाल किया गया तो ममता बनर्जी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी है, बल्कि नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश की गई है।
मतगणना केंद्र में मारपीट का आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि काउंटिंग के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार किया गया। उनके अनुसार, उन्हें और उनके प्रतिनिधियों को काउंटिंग हॉल में प्रवेश से रोका गया और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों और कुछ बाहरी लोगों की मौजूदगी में दबाव की स्थिति बनाई गई।
उन्होंने कहा कि उन्हें काउंटिंग स्थल पर काफी देर तक बाहर खड़ा रहना पड़ा और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए, जिससे चुनाव प्रभावित हुआ।
इसके अलावा उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया में पक्षपात किया गया। उन्होंने ईवीएम की कार्यप्रणाली, अधिकारियों के तबादलों और चुनाव से पहले हुई गिरफ्तारियों को भी संदिग्ध बताया।
राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई की गई और प्रशासनिक अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले किए गए। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का भी आरोप लगाया।
‘लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी’
ममता बनर्जी ने कहा कि विभिन्न विपक्षी नेताओं ने उनसे बातचीत कर समर्थन जताया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा के लिए है और वह INDIA गठबंधन के साथ मिलकर आगे भी संघर्ष जारी रखेंगी।
उन्होंने कहा कि भले ही उनके पास कोई पद न हो, लेकिन वह जनता के बीच रहकर लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेंगी।