पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनके समर्थकों की तरफ से किए जाने वाले राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए शुक्रवार को पंजाब सरकार ने पूरे प्रांत में सात दिनों के लिए धारा-144 लागू कर दी है। बता कें कि पूरे पंजाब प्रांत में विरोध-प्रदर्शन और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। और ये निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से लागू की गई है क्योंकि पार्टी कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी।
पिछले साल अगस्त से जेल में हैं इमरान खान
बता दें कि क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान पिछले साल अगस्त से जेल में हैं। वहीं अप्रैल 2022 में सत्ता से बेदखल होने के बाद से उन पर लगाए गए लगभग 200 मामलों में से कुछ में दोषी ठहराए गए थे। पाकिस्तान के एक अखबार के मुताबिक पंजाब प्रांत के गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से धारा 144 लागू करने का आदेश जारी किया है और यह सात दिनों तक लागू रहेगा। इस बीच, इमरान खान ने शुक्रवार को कहा कि सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के साथ किसी भी बातचीत का नतीजा मौजूदा सरकार के पतन के रूप में सामने आ सकता है।
इमरान खान ने देश के लाभ की बात की
इमरान खान ने 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार और अनौपचारिक मीडिया चैट मामले की सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के लाभ के लिए बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की, न कि व्यक्तिगत या सरकारी हितों के लिए। उन्होंने कहा, मैं पाकिस्तान के लिए बातचीत करना चाहता हूं, न कि अपने या सरकार के लिए। इमरान खान ने देश के लिए लाभ होने पर पीछे हटने की अपनी इच्छा दोहराते हुए कहा, मुझे विश्वास दिलाइए कि इससे देश को लाभ होगा, और मैं पीछे हट जाऊंगा।
मौजूदा सरकार की जमकर की आलोचना
वहीं इमरान खान ने मौजूदा सरकार की आलोचना की कि वो महंगाई कम नहीं कर रही है और निवेश के अनुकूल माहौल बनाने में विफल रही है। उन्होंने कहा, देश संकट में है। सरकार ने अपने खर्च कम नहीं किए हैं, जो परेशान करने वाला है। मौजूदा सरकार निवेश के लिए माहौल बनाने में विफल रही है। उनहोंने आगे कहा कि पाकिस्तान को आवश्यक सुधारों के लिए जनादेश-संचालित सरकार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान बजट गैर-जनादेश वाली सरकार की सीमाओं को उजागर करता है। उन्होंने पेशेवरों और जनता पर भाोरी कर लगाने की निंदा की, और आगामी बिजली बिलों से गंभीर प्रभावों की भविष्यवाणी की।