यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस की ओर से किए गए एक बड़े हमले की निंदा की है, जिसमें यूक्रेन के उर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया। इस हमले में कई उर्जा केंद्रों को नुकसान पहुंचा, बिजली की आपूर्ति ठप हो गई और कई लोग मारे गए।

जेलेंस्की ने बताया कि यह हमला रात के समय शुरू हुआ और सुबह तक जारी रहा। इस हमले में रूस ने करीब 120 मिसालइलों और 90 ड्रोन का इस्तेमाल किया। इसमें शहद, जिरकॉन, इस्कंदर और किंजल जैसे शक्तिशाली मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। जेलेंस्की ने कहा कि हमले का मुख्य लक्ष्य हमारे उर्जा केंद्र को तबाह करना था। दुर्भाग्य से कुछ जगहों पर सीधे हमलों से मलबा गिरने की वजह से नुकसान हुआ।

मिकोलिव शहर में ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत
मिकोलिव शहर में एक ड्रोन हमले में दो लोग मारे गए और छह अन्य घायल हुए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे। जेलेंस्की ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में अभी भी बिजली की आपूर्ति बंद है। उन्होंने कहा, मैं अपनी वायुसेना का आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने इस हमले को विफल करने में मदद की। हमारे एफ-16, सुखोई-25 और मिग विमान, मोबाइल फायर ग्रुप और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर यूनिट सभी ने मिलकर हमले का सामना किया। 

'यूक्रेन के रुख के खिलाफ नहीं ट्रंप के विचार'
इससे एक दिन पहले जेलेंस्की ने उम्मीद जताई थी कि अमेरिका की नवनिर्वाचित डोनाल्ड ट्रंप सरकार यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग के समाधान की दिशा में आगे बढ़ सकती है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि ट्रंप ने यूक्रेन के रुख को सुना है और उन्होंने उनके रुख के खिलाफ कोई बात नहीं की।

जेलेंस्की ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप ने यूक्रेन से रूस के साथ बातचीत करने को नहीं कहा। उन्होंने कहा, हम एक स्वतंत्र देश हैं और हम युद्ध के दौरान अमेरिकी और यूरोपीय नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। यह साबित हो चुका है कि हमारे साथ 'बैठो और सुनो' की भाषा काम नहीं करती।