मेरठ। सेक्सोलॉजिस्ट की आड़ में क्लीनिक चलाने वाले बीईएमएस डाक्टर दंपती पर पुलिस ने छापा मारकर तीन युवतियों और तीन ग्राहकों को पकड़ा है। आरोपी दंपती का नाम डॉ. केके गुप्ता और डॉ. हेमा गुप्ता है। तीनों लड़कियों को परिवार के पास सौंप दिया गया है, जबकि डाक्टर दंपती और तीन ग्राहकों के खिलाफ अनैतिक व्यापार की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। जांच में यह भी सामने आया कि डॉ. केके गुप्ता 2014 में जिस्मफरोशी के आरोप में जेल जा चुके हैं।

क्लीनिक और कोठी का मामला

लोहियानगर के एल-ब्लॉक में स्थित कमला कुटी की कोठी आठ महीने पहले डॉ. केके गुप्ता और उनकी पत्नी ने किराए पर ली थी। कोठी में उन्होंने क्लीनिक खोला और गेट पर लगे बोर्ड में खुद को बीईएमएस डॉक्टर व सेक्सोलॉजिस्ट बताया। हालांकि, पुलिस की जांच में यह सामने आया कि क्लीनिक के अंदर महिलाएं और युवकों से जिस्मफरोशी कराई जा रही थी।

पड़ोसियों की शिकायत पर हुआ छापा

आसपास के लोगों को दंपती की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली और उन्होंने मकान मालिक अनिल गोयल को शिकायत की। मकान मालिक ने पहले उन्हें मकान खाली करने के लिए कहा, लेकिन डाक्टर दंपती ने नहीं माना। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। शनिवार रात पुलिस ने छापा मारा और तीन लड़कियां तथा तीन ग्राहक—कपिल, सुहैल और दीपक—को पकड़ा।

यौन संबंधी बीमारियों के मरीज ही बनते थे ग्राहक

एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि क्लीनिक में आने वाली महिलाओं और पुरुषों को यौन संबंधी बीमारियों के इलाज के नाम पर ही ग्राहक बनाया जाता था। कई कमरे बनाकर क्लीनिक में काम चलाया जा रहा था। ग्राहक अपने साथ अन्य युवक और महिलाओं को भी क्लीनिक में लाते थे।

पड़ोसियों की सतर्कता ने उजागर किया मामला

कालोनी के लोग पिछले तीन महीनों से क्लीनिक की गतिविधियों पर शक कर रहे थे और डाक्टर दंपती की हरकतों से परेशान थे। उन्होंने मकान मालिक से शिकायत की और अंततः पुलिस ने कार्रवाई की।