नासा (National Aeronautics and Space Administration) के दो अंतरिक्ष यात्री भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर हफ्तों से अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं. उनका अभी भी वापस लौटना संभव नहीं हो पाया है. जिसको लेकर सभी को चिंता है. सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर नासा के बोइंग स्पेस कैप्सूल में तकनीकी खामी की वजह से स्पेस में फंसे हुए हैं. हालांकि, उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस कर सबकी चिंताओं पर अंकुश लगा दिया है.

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर डॉकिंग के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि बोइंग स्टारलाइनर कैप्सूल उन्हें घर ले आएगा. विल्मोर ने आगे कहा कि वे पूरी तरह आश्वस्त हैं और नाकाम होने का कोई ऑप्शन ही नहीं है, इसलिए हम रुक रहे हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि NASA और बोइंग की ओर से पृथ्वी पर थ्रस्टर परीक्षणों की हो रही जांच उनकी वापसी के लिए महत्वपूर्ण है.

कब गए थे अंतरिक्ष पर?

नासा के अंतरिक्ष यात्री विलियम्स और बैरी विल्मोर को 5 जून को फ्लोरिडा से स्टारलाइनर के जरिए लांच किया गया था और अगले दिन ISS पर डॉक किया गया, जहां उन्हें शुरू में लगभग आठ दिन ही बिताने थे. लेकिन स्टारलाइनर में आई खामी ने उनके मिशन को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है. उनके स्पेस स्टेशन तक पहुंचने के दौरान स्टारलाइनर के 28 थ्रस्टर्स में से पांच खराब हो गए और कई और खराबी आ गई हैं. जिनको ठीक करने का प्रयास जारी है.

कांफ्रेंस के बाद मिली तसल्ली

भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स को देख उनके शुभचिंतकों ने राहत की सांस ली है. नासा ने पहले ही साफ किया है कि खतरे की कोई बात नहीं है. लेकिन उन्होंने अभी तक सुनीता की वापसी का समय नहीं बताया है. इसके अलावा सुनिता ने स्पेस में कई हैरान करने वाले दृश्य देखे हैं, इन अनुभवों के बारे में दोनों यात्रियों ने प्रेस कांफ्रेंस में साझा किया है. उन्होंने स्पेस से एक छोटे तूफान को चक्रवात में तब्दील होते हुए देखा है.