पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर इस्लामाबाद में नए दौर की बातचीत हो सकती है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से अब तक किसी आधिकारिक तारीख की पुष्टि नहीं की गई है।

इस्लामाबाद में वार्ता की संभावना

अधिकारियों के अनुसार, मध्यस्थ देशों के माध्यम से बातचीत को लेकर सहमति बनती दिख रही है। नाम न बताने की शर्त पर सूत्रों ने बताया कि प्रमुख वार्ताकार बुधवार सुबह इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं।

बताया जा रहा है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे, जबकि ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ टीम का नेतृत्व कर सकते हैं। यह बातचीत ऐसे समय पर हो रही है जब मौजूदा युद्धविराम अवधि समाप्त होने के करीब है।

हालांकि ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उसका कोई अधिकारी इस समय पाकिस्तान की राजधानी में मौजूद नहीं है, जिससे स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।

ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव

इसी बीच अमेरिका से सख्त बयान सामने आए हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।

ट्रंप ने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का उल्लेख करते हुए इसे ईरान के परमाणु ठिकानों को खत्म करने की संभावित कार्रवाई बताया।

ईरान का तीखा जवाब

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने इन बयानों को सख्ती से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका बातचीत को दबाव और धमकी का माध्यम बनाना चाहता है, जो स्वीकार्य नहीं है।

गालिबाफ ने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी तरह की धमकी के तहत बातचीत नहीं करेगा और यदि जरूरत पड़ी तो देश अपने रुख को और मजबूत तरीके से सामने रखेगा।