बिहार: अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले पूर्णिया सांसद पप्पू यादव एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। बिहार राज्य महिला आयोग ने एक वायरल वीडियो को लेकर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने उनके महिला आरक्षण और महिलाओं की राजनीतिक भूमिका पर की गई टिप्पणी को आपत्तिजनक और अमर्यादित बताया है।

वायरल बयान पर बढ़ा विवाद

हाल ही में महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव द्वारा दिए गए बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने महिलाओं के राजनीतिक करियर को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे कई संगठनों ने अपमानजनक बताया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद महिला संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे नारी सम्मान के खिलाफ करार दिया है। मामले का संज्ञान लेते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने सांसद से स्पष्टीकरण मांगा है।

असम सीएम पर भी तीखी टिप्पणी

विवाद यहीं तक सीमित नहीं रहा। पप्पू यादव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा पर भी बेहद तीखे और व्यक्तिगत बयान दिए, जिनकी राजनीतिक हलकों में कड़ी आलोचना हो रही है।

उन्होंने अपने बयान में असम के मुख्यमंत्री की तुलना करते हुए कई अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिसके बाद मामला और गरमा गया है।

महिला आरक्षण बिल पर सरकार को घेरा

सांसद पप्पू यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों की राय नहीं ली गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले भी पूर्ण बहुमत होने के बावजूद इस मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाया और अब इसे राजनीतिक फायदे के लिए आगे लाया जा रहा है।

साथ ही उन्होंने दावा किया कि ओबीसी, ईबीसी, एससी-एसटी और अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसे उन्होंने गंभीर चिंता का विषय बताया।