वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर फिर सख्त रुख अपनाया है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक हेल्थ राउंडटेबल के दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई देश अमेरिका की ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की योजना का समर्थन नहीं करता, तो उस पर टैरिफ लगाया जा सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और हलचल तेज हो गई है।
ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दबाव जारी
जनवरी में व्हाइट हाउस लौटने के बाद से ट्रंप लगातार इस आइसलैंड जैसे बड़े क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लेने की इच्छा जता रहे हैं। हालांकि, डेनमार्क और यूरोपीय देशों ने इस मांग को खारिज कर दिया है। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि ग्रीनलैंड भौगोलिक दृष्टि से उत्तरी अमेरिका क्षेत्र का हिस्सा है और इसका रणनीतिक महत्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डेनमार्क की आपत्ति के बावजूद सौदे की संभावना
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का ध्यान केवल सुरक्षा पर नहीं, बल्कि ग्रीनलैंड में मौजूद खनिज संपदा और संसाधनों पर भी है। ट्रंप के ग्रीनलैंड मामलों के विशेष दूत ने बताया कि वे मार्च में डेनमार्क का दौरा करेंगे और उम्मीद है कि किसी प्रकार का समझौता संभव हो सकता है।
दूत के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे पर गंभीर हैं और डेनमार्क को अपनी शर्तें पहले ही बता दी गई हैं। अब यह मामला विदेश मंत्री और उपराष्ट्रपति के स्तर पर बातचीत के माध्यम से सुलझाने की कोशिश की जाएगी।