अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों देशों के बीच हालात सामान्य होने की दिशा में बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट खुलने के बाद अमेरिका ने भी ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से जुड़े जहाजों पर लगी नाकेबंदी हटा दी है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बुधवार को MoU पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और अमेरिका ने समुद्री नाकेबंदी समाप्त करने पर सहमति जताई।

यूएस सेंट्रल कमांड ने दी जानकारी

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर नाकेबंदी हटाए जाने की जानकारी दी। पोस्ट में कहा गया कि राष्ट्रपति के निर्देश के अनुसार ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले सभी समुद्री जहाजों पर लगी नाकेबंदी समाप्त कर दी गई है।

सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना अब ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले या वहां से निकलने वाले जहाजों को नहीं रोक रही है।

इलाके में मौजूद रहेंगे अमेरिकी नौसैनिक जहाज

हालांकि नाकेबंदी हटाने के बावजूद अमेरिकी नौसेना के जहाज क्षेत्र में तैनात रहेंगे। सेंट्रल कमांड के अनुसार, उनकी मौजूदगी यह सुनिश्चित करने के लिए होगी कि समझौते की सभी शर्तों का पालन हो और वे पूरी तरह लागू रहें।

ट्रंप ने शांति के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

समझौते के बाद गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका शांति के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने लिखा कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में सभी पक्षों से अपील करता है कि वे बातचीत को सही दिशा में आगे बढ़ाने के अपने वादे पर कायम रहें।

ट्रंप ने यह भी कहा कि इस समझौते के बाद बाजारों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। उनके मुताबिक तेल की कीमतों में गिरावट आई है और शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई है। उन्होंने लेबनान, हिज्बुल्लाह और इजरायल समेत सभी मोर्चों पर पूर्ण युद्धविराम की उम्मीद जताई।

13 अप्रैल से लागू थी नाकेबंदी

अमेरिका ने 28 फरवरी को इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया था, जिसके बाद संघर्ष बढ़कर युद्ध में बदल गया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था।

इसके बाद अमेरिका ने होर्मुज क्षेत्र और समुद्री जहाजों पर नाकेबंदी लागू कर दी थी। अमेरिकी कार्रवाई के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही और अधिक कठिन हो गई थी।

अब MoU पर हस्ताक्षर होने के बाद 66 दिनों से जारी अमेरिकी नाकेबंदी समाप्त कर दी गई है, जिससे क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों के सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है।