पेरिस। फ्रांस दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की विकास यात्रा, वैश्विक भूमिका और भारत-फ्रांस संबंधों पर विस्तार से बात की। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि विदेश में रहकर भी भारतीय समुदाय अपनी संस्कृति, मूल्यों और विविधता को जीवंत बनाए हुए है।
प्रधानमंत्री ने पेरिस को प्रेरणा, नवाचार और विविधता का शहर बताते हुए कहा कि यहां बसे भारतीय इस शहर की बहुरंगी पहचान को और समृद्ध बनाते हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु से लेकर पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र और बंगाल तक, भारत के हर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व फ्रांस में देखने को मिलता है।
मोदी ने अपने फ्रांस दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने यात्रा की शुरुआत नवाचार और तकनीक से जुड़े कार्यक्रमों से की थी, जबकि समापन भारतीय समुदाय के साथ संवाद के जरिए हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय भारत और फ्रांस के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और यही दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की असली ताकत है।
12 वर्षों की उपलब्धियों का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि लगातार 12 वर्षों तक देश की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की शक्ति बताते हुए कहा कि देश में एक सामान्य परिवार से आने वाला व्यक्ति भी सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले एक दशक में भारत की अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा और शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। एयरपोर्ट, विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय राजमार्गों की संख्या में तेज़ वृद्धि हुई है, जबकि करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है।
सामाजिक बदलाव को बताया नई भारत की पहचान
मोदी ने कहा कि नए भारत की कहानी केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की भी कहानी है। उन्होंने वित्तीय समावेशन का जिक्र करते हुए कहा कि आज देश के अधिकांश परिवार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक सुविधाएं पहुंची हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि लोगों की बदलती सोच और बढ़ती आकांक्षाएं हैं। देश का युवा अब केवल बेहतर जीवन नहीं चाहता, बल्कि भारत को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प रखता है।
अंतरिक्ष, ऊर्जा और तकनीक में भारत की बढ़ती ताकत
प्रधानमंत्री ने भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि चंद्रयान मिशन की सफलता के बाद अब देश गगनयान मिशन और अपने अंतरिक्ष स्टेशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और उन्नत परमाणु तकनीक के क्षेत्र में भी तेजी से निवेश कर रहा है। उनके अनुसार, भारत केवल वैश्विक बदलावों का हिस्सा नहीं बन रहा, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
दुनिया के लिए भरोसेमंद साझेदार बन रहा भारत
मोदी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में देशों के बीच केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि भरोसा भी महत्वपूर्ण हो गया है। दुनिया ऐसे साझेदारों की तलाश में है जिन पर लंबे समय तक विश्वास किया जा सके और भारत इस भूमिका में तेजी से उभर रहा है।
उन्होंने हाल ही में हुई जी-7 बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने वहां समावेशी विकास, वैश्विक सहयोग और भरोसेमंद तकनीक की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि वैश्विक विकास तभी टिकाऊ होगा जब उसका लाभ सभी देशों और समाजों तक पहुंचेगा।
भारत-फ्रांस सहयोग को मिलेगी नई गति
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के संबंध अब विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंच चुके हैं। रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, महत्वपूर्ण खनिज और हाई-स्पीड रेल जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि भारत और फ्रांस अगले वर्ष संयुक्त रूप से ‘तृष्णा’ उपग्रह लॉन्च करेंगे। यह मिशन जल और खाद्य सुरक्षा से जुड़े वैश्विक प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
फुटबॉल ने भी जोड़ा दोनों देशों को
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने फुटबॉल का जिक्र करते हुए कहा कि यह खेल भारत और फ्रांस के बीच एक सांस्कृतिक सेतु की तरह है। उन्होंने कहा कि फ्रांस में फुटबॉल के प्रति लोगों का जुनून जगजाहिर है, वहीं भारत में भी इस खेल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने फ्रांसीसी टीम को शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन का समापन किया।