वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में बड़ी कार्रवाई अंजाम दी, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत 3 जनवरी को अमेरिकी सैनिक वेनेजुएला में दाखिल हुए और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका ले गए। इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तहलका मचा दिया।

खबरों के मुताबिक, ट्रंप अब ग्रीनलैंड और ईरान पर भी संभावित सैन्य कार्रवाई की योजना बना रहे हैं।

ग्रीनलैंड पर आकस्मिक योजना
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने वरिष्ठ विशेष बलों को ग्रीनलैंड पर सैन्य अभियान की आकस्मिक योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया है। हालांकि, इस कदम का विरोध शीर्ष सैन्य अधिकारियों और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ द्वारा किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई गैरकानूनी होगी और कांग्रेस का समर्थन प्राप्त नहीं करेगी।
जनरलों का मानना है कि ग्रीनलैंड पर हमला यूरोपीय नेताओं के साथ सीधे टकराव का कारण बन सकता है और नाटो गठबंधन में गहरी खाई पैदा कर सकता है।

ईरान पर संभावित सैन्य विकल्पों की जानकारी
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप को हाल के दिनों में ईरान के खिलाफ कई सैन्य विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई है। इन विकल्पों में सीमित और लक्षित हमले शामिल हैं, जिनमें ईरान के आंतरिक सुरक्षा ढांचे से जुड़े गैर-सैन्य लक्ष्य भी शामिल हैं। प्रशासन इस समय राजनयिक, आर्थिक और सैन्य उपायों का मूल्यांकन कर रहा है, ताकि संभावित हिंसा को रोका जा सके।

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन और ट्रंप की प्रतिक्रिया
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को मौजूदा सरकार की पकड़ से मुक्त कराने में मदद करने को तैयार है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान पहले से कहीं अधिक आजादी के करीब है और अमेरिका हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।