पश्चिम एशिया में बढ़ते विवादों के बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व की प्रमुख शक्तियों से अपील की है कि वे अपने युद्धपोतों के माध्यम से होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक सुरक्षा सुनिश्चित करें। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान इस संवेदनशील समुद्री मार्ग में बाधा डालने का प्रयास करता है, तो अमेरिका उसकी तटीय इलाकों पर सैन्य कार्रवाई तेज कर देगा।

व्हाइट हाउस इस जलमार्ग की सुरक्षा के लिए बीमा राशि के रूप में 20 अरब डॉलर तक की पेशकश पर भी विचार कर रहा है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि कई देश इस संकट से प्रभावित हैं और वे अमेरिका के साथ मिलकर इस मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए अपने जहाज भेजने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार और तेल की आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने पहले ही ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कम कर दिया है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ईरान छोटे हमले कर सकता है। उनके अनुसार, ईरान ड्रोन, समुद्री माइन या मिसाइल हमले कर सकता है, जिससे इस मार्ग पर गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों से भी अपील की कि वे इस क्षेत्र में अपने युद्धपोत भेजें, क्योंकि ये सभी देश इस समुद्री मार्ग पर होने वाले व्यापार पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि यदि सभी देश सहयोग करेंगे, तो ईरान के लिए इस मार्ग को रोकना मुश्किल हो जाएगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक यह जलमार्ग पूरी तरह सुरक्षित और खुला नहीं हो जाता, अमेरिका ईरान के तटीय इलाकों पर लगातार सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।

एक अन्य योजना के तहत, जापान में तैनात 2,500 अमेरिकी मरीन को भी इस क्षेत्र में भेजा जा सकता है। ये मरीन जहाजों की सुरक्षा और अन्य सुरक्षा उपायों में तैनात किए जाएंगे, हालांकि उनके आगमन में लगभग दो सप्ताह लग सकते हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और यह दुनिया के तेल व्यापार के लिए अहम मार्ग है। इस संकीर्ण जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्थाओं पर गंभीर असर डाल सकती है।