गर्मियों में आइसक्रीम लोगों की पसंदीदा ठंडी चीजों में शामिल होती है, जो स्वाद के साथ राहत भी देती है। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर व्यक्ति के लिए इसका सेवन फायदेमंद नहीं होता। आइसक्रीम में मौजूद अधिक चीनी, फैट और कैलोरी कुछ लोगों की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।

आमतौर पर डायबिटीज के मरीजों को आइसक्रीम सीमित मात्रा में लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह अकेली स्थिति नहीं है जिसमें सावधानी जरूरी हो। जिन लोगों को पहले से कुछ पुरानी बीमारियां हैं, उनके लिए इसका प्रभाव और भी गंभीर हो सकता है।

इन बीमारियों में आइसक्रीम से बढ़ सकती है परेशानी

आरएमएल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार फैटी लिवर, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, लैक्टोज इनटॉलरेंस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में आइसक्रीम का सेवन नुकसान पहुंचा सकता है।

फैटी लिवर में ज्यादा चीनी और फैट लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। वहीं, मोटापे से जूझ रहे लोगों में यह अतिरिक्त कैलोरी वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है। हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों के लिए भी ज्यादा फैट का सेवन जोखिम भरा हो सकता है।

लैक्टोज इनटॉलरेंस की स्थिति में आइसक्रीम खाने से गैस, पेट फूलना और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा एसिडिटी और कमजोर पाचन वाले लोगों को ठंडी और भारी चीजें असहज महसूस करा सकती हैं।

आइसक्रीम से क्या हो सकते हैं नुकसान

ज्यादा आइसक्रीम खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है, वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है और पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है। कुछ लोगों में गैस, पेट दर्द और एसिडिटी की परेशानी भी बढ़ जाती है।

लंबे समय तक अधिक मात्रा में इसका सेवन हाई कोलेस्ट्रॉल और फैटी लिवर जैसी स्थितियों को और खराब कर सकता है।

आइसक्रीम के बेहतर हेल्दी विकल्प

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार आइसक्रीम की जगह घर का बना दही, बिना चीनी की स्मूदी, ताजे फल या फ्रोजन योगर्ट बेहतर विकल्प हो सकते हैं। ये न केवल स्वाद देते हैं बल्कि शरीर को पोषण भी प्रदान करते हैं।

गर्मियों में नारियल पानी, छाछ और फल आधारित ठंडे पेय भी शरीर को ठंडक देने और हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।