अनुगुल। ओडिशा के मयूरभंज जिले से एक गंभीर और दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां कथित कंगारू अदालत की सुनवाई के बाद एक कक्षा नौ का छात्र भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार दिया गया। घटना तिरिंग थाना क्षेत्र के इंदकोली गांव की है। मृतक की उम्र 15 वर्ष थी और वह रायरांगपुर ग्रामीण थाना क्षेत्र का निवासी था।

बकरी चोरी के शक में नाबालिग पर हमला
बताया गया कि छात्र इन दिनों अपने चाचा के घर बसिंगी गांव में रहकर पढ़ाई कर रहा था और बसिंगी सरकारी हाई स्कूल में कक्षा नौ में पढ़ाई करता था। सोमवार दोपहर गांव में कथित बकरी चोरी के आरोप में स्थानीय लोगों ने दो नाबालिगों को पकड़ लिया और अनौपचारिक तरीके से ‘सुनवाई’ शुरू कर दी। भीड़ ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के दोनों बच्चों की पिटाई शुरू कर दी और मृतक की साइकिल को आग के हवाले कर दिया।

अस्पताल में मौत, दूसरा किशोर गंभीर
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल ले गई। मृतक छात्र संबित को रायरांगपुर उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरा किशोर गंभीर स्थिति में पंडित रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बारीपदा रेफर किया गया है।

पुलिस की कार्रवाई: 11 गिरफ्तार
पीड़ित के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।

कानून-व्यवस्था पर सवाल
राज्य में कंगारू अदालतों की बढ़ती घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरी के केवल शक में एक स्कूली छात्र की जान चली जाना ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता की कमी और पुलिस की सक्रियता पर ध्यान देने की आवश्यकता को उजागर करता है।

कंगारू अदालत क्या है?
कंगारू कोर्ट वह अवैध और अनौपचारिक न्याय प्रणाली होती है, जिसमें कुछ लोग खुद को न्यायाधीश मानकर आरोपी को सुनवाई का मौका दिए बिना सजा सुना देते हैं। यह पूरी तरह गैरकानूनी है और किसी भी अपराध की जांच और सजा केवल न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में अफवाह और दबाव के कारण ऐसी भीड़तंत्र वाली सुनवाई अक्सर हिंसक और जानलेवा रूप ले लेती है।