नई दिल्ली। ईरान में हालात बिगड़ने के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि वर्तमान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक ईरान में हैं, जिनमें अधिकांश छात्र शामिल हैं।
भारत ने जारी की यात्रा एडवाइजरी
जायसवाल ने कहा कि हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए भारत ने दो-तीन एडवाइजरी जारी की हैं। इसके तहत भारत में रह रहे नागरिकों को फिलहाल ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वहीं, ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को कहा गया है कि वे उपलब्ध साधनों का उपयोग कर सुरक्षित रूप से देश छोड़ने की कोशिश करें। उन्होंने यह भी बताया कि विदेश मंत्री ने ईरानी विदेश मंत्री के साथ हाल की घटनाओं पर चर्चा की।
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ईरान की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। वहां रह रहे नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार उनकी मदद के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
शक्सगाम घाटी और चाबहार पोर्ट पर स्थिति
जायसवाल ने शक्सगाम घाटी पर भारत की स्पष्ट स्थिति दोहराई। चाबहार पोर्ट को लेकर उन्होंने बताया कि अमेरिका ने 28 अक्टूबर 2025 को सशर्त प्रतिबंधों पर मार्गदर्शन पत्र जारी किया था, जो 26 अप्रैल 2026 तक वैध है। भारत इस व्यवस्था पर अमेरिका के साथ लगातार काम कर रहा है।
म्यांमार चुनावों पर रुख
जायसवाल ने कहा कि भारत ने हमेशा म्यांमार में निष्पक्ष और समावेशी चुनावों की आवश्यकता को दोहराया है। अब तक म्यांमार में दो चरण के चुनाव हो चुके हैं और आगे और चरण आयोजित होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत से कुछ लोग म्यांमार गए हैं, लेकिन वे निजी यात्रा पर गए हैं और उनका कोई सरकारी प्रतिनिधित्व नहीं है।
फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ और जापान दौरा
प्रवक्ता ने कहा कि ‘बैटल ऑफ गलवान’ जैसी फिल्मों से जुड़े सभी मुद्दे संबंधित प्राधिकरणों द्वारा निपटाए जाते हैं और विदेश मंत्रालय का इसमें कोई योगदान नहीं है। जापान के विदेश मंत्री के भारत दौरे (15-17 जनवरी) के दौरान प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने 18वें भारत-जापान स्ट्रैटेजिक डायलॉग में हिस्सा लिया। इस दौरान दोनों देशों ने सप्लाई चेन, निवेश, व्यापार, तकनीक, नवाचार, रक्षा, सांस्कृतिक सहयोग और AI पहल जैसे विषयों पर चर्चा की। इसके अलावा, आर्थिक सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स पर संयुक्त कार्य समूह बनाने का निर्णय लिया गया।
चीन प्रतिनिधिमंडल के दौरे पर
जायसवाल ने बताया कि CCP के अंतरराष्ट्रीय विभाग के उप-मंत्री ने विदेश सचिव से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने बातचीत के विवरण साझा किए। उन्होंने जापान के साथ रक्षा सहयोग पर जोर दिया और कहा कि कई परियोजनाओं पर विचार चल रहा है। दोनों देश अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।