कुल्लू जिले के राउगी पंचायत में शुक्रवार को सरकारी अधिकारियों के खिलाफ एक गंभीर हमला सामने आया। पटवारी भूप सिंह और कानूनगो पर कथित तौर पर BDC सदस्य और उसके रिश्तेदारों ने हमला किया।
भूप सिंह ने बताया कि अगस्त 2025 में विभाग को शिकायत मिली थी कि BDC अध्यक्ष ने क्षेत्र में अवैध कब्जा किया है। शुक्रवार को डिमार्केशन करने के लिए दो पुलिसकर्मी, पीडब्ल्यूडी कर्मचारी और पंचायत प्रधान सहित एक टीम मौके पर गई। इसी दौरान BDC अध्यक्ष ने सबसे पहले कानूनगो पर हमला किया। भूप सिंह ने मदद के लिए आगे बढ़ा तो उस पर भी डंडों से हमला किया गया। पुलिसकर्मियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने हमला जारी रखा। अधिकारी जान बचाकर भागने में सफल हुए और कुछ दस्तावेज़ भी गुम हो गए।
नेता प्रतिपक्ष ने घायल अधिकारियों से की मुलाकात
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर शुक्रवार को कुल्लू क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे और घायल अधिकारियों से मुलाकात कर उनकी सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने हमला करने वालों की बर्बरता को “निंदनीय और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर हमला” बताया। ठाकुर ने कहा कि सत्ता संरक्षित नेताओं की इस तरह की अराजकता हिमाचल प्रदेश कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ते माफिया राज और कांग्रेस नेताओं के संरक्षण के मामले गंभीर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
पटवारी-कानूनगो संघ ने काम बंद करने का एलान किया
हमले के बाद पटवारी-कानूनगो संघ ने कामकाज बंद करने का एलान किया। जिलाध्यक्ष ऋषभ डोगरा ने बताया कि संघ ने उपाध्यक्ष और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर सरकार को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में तुरंत मामला दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघ के सदस्य अपने कामकाज को ठप रखेंगे।