केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश के पहले राष्ट्रीय IED डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह कदम भारत की आतंरिक सुरक्षा और काउंटर-IED तैयारियों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

एनआईडीएमएस से सुरक्षा में बढ़ेगी दक्षता
एनआईडीएमएस को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) ने विकसित किया है। यह एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो आईईडी से जुड़ा डेटा संग्रहित करने, उसे समेकित करने और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच साझा करने में मदद करेगा। उद्घाटन के दौरान अमित शाह ने कहा कि इससे इंटर-एजेंसी समन्वय बेहतर होगा और सही समय पर सही जानकारी पहुंचाने में मदद मिलेगी।

एनएसजी का योगदान
एनएसजी की स्थापना 1984 में हुई थी और तब से यह आतंकवाद रोधी गतिविधियों, हाइजैकिंग विरोधी ऑपरेशन और बम निष्कासन जैसी तैयारियों में जुटी रही है। एनएसजी के डायरेक्टर जनरल ब्रिघु श्रीनिवासन ने बताया कि पिछले 11 महीनों में विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से यह सिस्टम तैयार किया गया है। उन्होंने इसे भारत का अनूठा और सुरक्षित प्लेटफॉर्म बताया।

डेटा शेयरिंग और प्रतिक्रिया में तेजी
एनआईडीएमएस के जरिए राज्य पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और अन्य केंद्रीय एजेंसियां डेटा को एक्सेस, विश्लेषण और साझा कर सकेंगी। इससे आतंकवादी और विद्रोही हमलों की रोकथाम में तेजी आएगी और जांच प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा। प्लेटफॉर्म फोरेंसिक विश्लेषण, प्रशिक्षण मॉड्यूल और ऑपरेशन योजना में सुधार भी करेगा।

तकनीक और तैयारी में सुधार
IED आमतौर पर आतंकवादी और विद्रोही समूह सुरक्षा बलों और आम जनता को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। एनआईडीएमएस के माध्यम से उन्नत तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर देश किसी भी घटना के समय तेजी से प्रतिक्रिया करने में सक्षम होगा।