कोलकाता। सीबीआई ने बंगाल में चल रहे बड़े चिटफंड घोटाले के मुख्य आरोपित तन्मय मिर्धा को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी गुरुवार को नदिया जिले के ब्रह्म नगर इलाके से की गई।
सीबीआई ने यह मामला 23 जून 2020 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दर्ज किया था। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सक्रिय चिटफंड कंपनियों के मामलों की गहन जांच का आदेश दिया था। जांच में सामने आया कि तन्मय मिर्धा एक्सप्रेस कल्टीवेशन लिमिटेड, कोलकाता का निदेशक था और उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जनता से भारी निवेश राशि जुटाई।
2.1 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया और धोखाधड़ी
आरोपित ने निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का वादा करके करीब 2.1 करोड़ रुपये जुटाए, लेकिन इस धन का गलत उपयोग किया। निवेशकों को न तो तय समय पर लाभ मिला और न ही मूल राशि वापस की गई, जिससे कई लोग आर्थिक रूप से प्रभावित हुए।
सीबीआई ने इस मामले में चार फरवरी 2022 को चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि तन्मय मिर्धा जांच के दौरान एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुआ और फरार रहा। इसके बाद कोलकाता की एडिशनल चीफ मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
कैसे हुई गिरफ्तारी
लगातार फील्ड वेरिफिकेशन, तकनीकी इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर सीबीआई ने गुरुवार को आरोपी की लोकेशन का पता लगाया। इलाके में घेराबंदी कर तन्मय मिर्धा को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लिया जा सकता है ताकि इस घोटाले की गहन जांच की जा सके।
सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि चिटफंड घोटालों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। तन्मय मिर्धा के बयान से यह पता चलेगा कि इस घोटाले में कितने लोग शामिल थे और जनता का पैसा किस प्रकार इस्तेमाल किया गया।