गुवाहाटी। असम कांग्रेस के लिए चुनावों से पहले बड़ा झटका सामने आया है। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होकर नया राजनीतिक सफर शुरू किया। गुवाहाटी में असम बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्हें पार्टी में शामिल कराया गया।
कुछ दिनों पहले ही बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था, समाप्त करते हुए अपने 32 साल पुराने राजनीतिक संबंध। उन्होंने पार्टी छोड़ने का कारण नेतृत्व के साथ मतभेद और अंदरूनी भेदभाव को बताया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
भूपेन कुमार बोरा ने 2006 से 2016 तक लगातार दो बार बिहपुरिया विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया। अगस्त 2021 में उन्हें असम कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन पिछले साल मई में यह जिम्मेदारी लोकसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई को सौंपी गई।
बोरा ने कहा, “मैंने अपने राजनीतिक जीवन का अधिकांश हिस्सा कांग्रेस को दिया, लेकिन पार्टी ने मुझे नजरअंदाज किया। राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं से बात की, लेकिन किसी ने मेरी बात सुनने या मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा करने का समय नहीं लिया।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका बीजेपी में शामिल होना कांग्रेस छोड़ने का मुख्य कारण नहीं था।
सियासी सफर की शुरुआत
भूपेन कुमार बोरा ने अपनी राजनीतिक पारी NSUI और बाद में यूथ कांग्रेस के जरिए शुरू की। इसके बाद वे असम और पूरे नॉर्थ-ईस्ट में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक नेता के रूप में उभरे। 2021 से 2024 तक APCC अध्यक्ष के रूप में काम करते हुए, वे पार्टी के मजबूत संगठनात्मक चेहरे माने जाते रहे।
उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने पिछली संसदीय चुनावों में असम से तीन लोकसभा सीटें जीती थीं। इसके अलावा, वे पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल में संसदीय सचिव और पार्टी प्रवक्ता के रूप में सक्रिय रहे।