मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। तेज धूप और लू के चलते दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। सुबह से ही सूरज की तीखी किरणें लोगों को परेशान कर रही हैं, जबकि दोपहर में चलने वाली गर्म हवाएं हालात को और कठिन बना रही हैं।

इस प्रचंड गर्मी का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशु-पक्षी भी पानी और छांव की तलाश में इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। लगातार बढ़ते तापमान के कारण दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और बहुत जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं।

मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी

भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में किसी बड़ी राहत की संभावना नहीं है। तापमान के ऊंचे स्तर पर बने रहने और मौसम के शुष्क रहने की संभावना जताई गई है, जिससे लू का असर जारी रह सकता है।

बाजार और आम जनजीवन पर असर

भीषण गर्मी का असर बाजारों और सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय बाजारों में ग्राहकों की संख्या बेहद कम हो गई है। दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक और खुले में काम करने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जिन्हें गर्म हवाओं के बीच काम करना मुश्किल हो रहा है।

स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ीं

गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, चक्कर आना और कमजोरी जैसी समस्याओं में तेजी देखी जा रही है। अस्पतालों और क्लीनिकों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।

बिजली और पानी पर बढ़ा दबाव

लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की खपत में भारी इजाफा हुआ है, क्योंकि कूलर, एसी और पंखों का उपयोग बढ़ गया है। वहीं, पानी की मांग बढ़ने से कई इलाकों में जल संकट की आशंका भी गहराने लगी है।

विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी और तेज हो सकती है।