पाकिस्तान हॉकी टीम इस समय एफआईएच विश्व कप और प्रो लीग की तैयारियों में जुटी हुई है, लेकिन टीम के भीतर आर्थिक संकट ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। खिलाड़ियों की शिकायतों ने पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

खिलाड़ियों को नहीं मिला बकाया भुगतान

खिलाड़ियों का कहना है कि फेडरेशन ने विदेशी दौरों के लिए प्रति दिन 110 अमेरिकी डॉलर भत्ता देने की घोषणा तो की है, लेकिन अभी तक पुराने बकाये का भुगतान नहीं किया गया है।

इसके अलावा, ट्रेनिंग कैंप के दौरान मिलने वाला दैनिक भत्ता 3000 पाकिस्तानी रुपये से घटाकर 1000 रुपये कर दिया गया है, जिससे खिलाड़ियों में नाराजगी बढ़ गई है।

‘यह राष्ट्रीय खिलाड़ियों का अपमान है’

कई खिलाड़ियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि 1000 रुपये प्रतिदिन में एक खिलाड़ी अपनी तैयारी तक सही तरीके से नहीं कर सकता। उनका कहना है कि यह राशि राष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ अन्याय है और इससे उनका मनोबल गिर रहा है।

एक खिलाड़ी ने कहा कि फेडरेशन पहले भी भुगतान को लेकर वादे करता रहा है, लेकिन समय पर रकम नहीं मिलती। वहीं, विदेशी दौरों के लिए 110 डॉलर की बात पर भी खिलाड़ियों ने तभी भरोसा जताने की बात कही है जब पैसा वास्तविक रूप से हाथ में मिले।

कप्तान की घोषणा न होने से भी असंतोष

पाकिस्तान ने अगले महीने बेल्जियम और इंग्लैंड में होने वाले एफआईएच प्रो लीग मुकाबलों के लिए 20 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है, लेकिन टीम का कप्तान घोषित नहीं किया गया है। इससे खिलाड़ियों में और असंतोष बढ़ गया है।

पिछले साल तक शकील अम्मद बट टीम की कप्तानी कर रहे थे, लेकिन इस बार फेडरेशन की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

भारत समेत कई टीमों से मुकाबला

एफआईएच प्रो लीग का तीसरा चरण 13 जून से 27 जून तक खेला जाएगा। इस दौरान पाकिस्तान की टीम बेल्जियम, स्पेन, इंग्लैंड और भारत के खिलाफ मुकाबले खेलेगी। इसके बाद टीम एफआईएच विश्व कप में भी हिस्सा लेगी।