ईरान में जारी राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ते जनविरोध के बीच तेहरान ने भारत से संपर्क किया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुधवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से टेलीफोन पर बातचीत की। इस वार्ता की जानकारी स्वयं जयशंकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की।

पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कई शहरों में हिंसा, आगजनी और सड़क पर उतरकर विरोध का सिलसिला जारी है। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी सीधे सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ दिखाई दे रही है। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरानी विदेश मंत्री ने भारतीय समकक्ष से संपर्क कर हालात पर चर्चा की।

क्या बोले विदेश मंत्री जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने एक्स पोस्ट में बताया कि ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान क्षेत्रीय हालात और ईरान के आसपास तेजी से बदल रही परिस्थितियों पर विचार-विमर्श हुआ। हालांकि बातचीत के विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर इस संवाद को ईरान की गंभीर स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है।

भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी
यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब भारत सरकार ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए सतर्कता जारी की है। विदेश मंत्रालय ने छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों को उपलब्ध किसी भी माध्यम, विशेष रूप से वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए, ईरान छोड़ने की सलाह दी है। साथ ही नागरिकों से संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने और स्थानीय हालात पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।

प्रदर्शनों में भारी जानमाल का नुकसान
सूत्रों के अनुसार, दो हफ्तों से अधिक समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 2,571 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा हाल के दशकों में ईरान में हुए किसी भी आंदोलन से कहीं अधिक बताया जा रहा है और 1979 की इस्लामी क्रांति के दौर की याद दिलाता है।