भारत ने वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश ने जर्मनी, फ्रांस, जापान, ब्रिटेन और कनाडा जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया है।

डिजिटल रैंकिंग में भारत की बड़ी छलांग

‘स्टेट ऑफ इंडियाज डिजिटल इकोनॉमी 2026’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने 2025 में आठवें स्थान से सीधे छलांग लगाकर पांचवां स्थान हासिल किया है। रिपोर्ट इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस (ICRIER) के सेंटर फॉर इंटरनेट एंड डिजिटल इकोनॉमी द्वारा जारी की गई है।

AI प्रदर्शन में भी मजबूत स्थिति

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस परफॉर्मेंस के मामले में भारत अब दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में अमेरिका, चीन और सिंगापुर भारत से आगे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह प्रगति डिजिटल कनेक्टिविटी, फिनटेक विस्तार और नवाचार में तेजी का परिणाम है।

डिजिटल सेवाओं में बढ़ता योगदान

रिपोर्ट के अनुसार भारत ने डिजिटल रूप से प्रदान की जाने वाली सेवाओं के माध्यम से करीब 31 लाख करोड़ रुपये का व्यापार किया है। इसके साथ ही भारत दुनिया के दूसरे सबसे बड़े AI टैलेंट पूल के रूप में उभर रहा है।

उपयोगकर्ताओं में भारत की बड़ी हिस्सेदारी

वैश्विक स्तर पर AI उपयोग में भारत और चीन मिलकर लगभग 40% हिस्सेदारी रखते हैं। अकेले भारत में दुनिया के कुल AI उपयोगकर्ताओं का लगभग 26% हिस्सा है।

निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर चुनौती

हालांकि इस उपलब्धि के बावजूद रिपोर्ट में चिंता भी जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक निजी AI निवेश का केवल 1% ही भारत को मिलता है। इसका मुख्य कारण एडवांस चिप्स, सुपरकंप्यूटिंग और बड़े AI मॉडल के क्षेत्र में सीमित संसाधन और नियंत्रण है।

आगे की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपनी डिजिटल क्षमता को और मजबूत करने के लिए रिसर्च, निवेश और स्टार्टअप-यूनिवर्सिटी सहयोग को बढ़ाना होगा, ताकि AI के अगले चरण में देश और तेजी से आगे बढ़ सके।