पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक खतरनाक रुख अपना लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार शाम कई जिलों के लिए अत्यंत गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों के दौरान तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। हवा की रफ्तार 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग की चेतावनी में अलीगढ़, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मथुरा और मेरठ समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों को प्रभावित क्षेत्र बताया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। साथ ही बिजली गिरने और ओलावृष्टि से भी जान-माल का खतरा बना हुआ है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। खुले मैदान, छतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली चमकने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। किसानों को अपने पशुओं, कृषि उपकरणों और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।

तेज बारिश और आंधी के दौरान हाईवे, फ्लाईओवर और खुले रास्तों पर वाहन चलाने से भी बचने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत में प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से सक्रिय हो रही हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

उधर, गाजियाबाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे मौसम से जुड़ी जानकारी रेडियो, टेलीविजन और आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों से प्राप्त करते रहें। पुराने और जर्जर भवनों से दूरी बनाए रखें तथा धातु की डंडी वाले छाते का उपयोग न करें।

प्राधिकरण ने बच्चों और बुजुर्गों को घर के भीतर सुरक्षित रखने की सलाह दी है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति या चिकित्सीय सहायता के लिए 108 और 102 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। अधिकारियों ने नागरिकों से संयम और सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा है कि समय रहते सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।