शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण का मतदान शनिवार को बारिश के बीच उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। मौसम की चुनौतियों के बावजूद मतदाताओं ने बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों का रुख किया और पिछले दोनों चरणों की तुलना में अधिक मतदान दर्ज किया गया। इसके साथ ही राज्य की 1,189 पंचायतों और 6,615 वार्डों में पंचायती राज चुनावों की मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब सभी की निगाहें मतगणना और चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।

राज्यभर में कुल 15,39,161 पंजीकृत मतदाताओं में से 9,70,391 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अंतिम आंकड़ों के अनुसार तीसरे चरण में लगभग 63.20 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान प्रतिशत के मामले में सिरमौर जिला सबसे आगे रहा, जहां 71.80 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके अलावा सोलन में 66.23 प्रतिशत, शिमला में 65.72 प्रतिशत, ऊना में 64 प्रतिशत और किन्नौर में 63.64 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर और चंबा जैसे बड़े जिलों में भी मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कांगड़ा जिले में दोपहर तीन बजे तक 70.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। कई मतदान केंद्रों पर निर्धारित समय के बाद भी मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। इससे पहले के दोनों चरणों में भी कई बूथों पर शाम तक मतदान जारी रहा था।

मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की घटनाएं भी सामने आईं। हमीरपुर जिले के ऊहल जिला परिषद वार्ड के अंतर्गत बनालग मतदान केंद्र पर एक विधायक के पहुंचने को लेकर विवाद हो गया। भाजपा समर्थित प्रत्याशी के परिजनों ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस हुई।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने भी मतदान में हिस्सा लिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अपने पैतृक गांव विजयपुर पंचायत में परिवार के साथ मतदान किया। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिले के सराज क्षेत्र की मुरहाग पंचायत स्थित आहुण बूथ पर वोट डाला, जबकि उनकी 86 वर्षीय माता ब्रिकु देवी ने भी मतदान किया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की 88 वर्षीय माता संसार देई ने अमलैहड़ पंचायत के भवड़ां मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। यह केंद्र महिलाओं द्वारा संचालित विशेष पिंक बूथ के रूप में स्थापित किया गया था।

सुबह 11 बजे तक करीब 42 प्रतिशत मतदान हो चुका था। शुरुआती घंटों में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही, जबकि सुबह सात से नौ बजे के बीच 19.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

हालांकि ऊना जिले के कुछ मतदान केंद्रों पर बिजली आपूर्ति बाधित होने से मतदान कर्मियों और मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर कर्मचारियों ने मोबाइल फोन की रोशनी में मतदान प्रक्रिया जारी रखी।

बारिश और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अब मतगणना के बाद पंचायत चुनावों के परिणामों का इंतजार किया जा रहा है।