हैदराबाद। आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है। पार्टी ने यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

एआईएमआईएम ने अपने बयान में कहा कि हुमायूं कबीर के हालिया बयान और खुलासे पार्टी की विचारधारा के अनुरूप नहीं हैं। पार्टी का कहना है कि ऐसे बयान और गतिविधियां मुस्लिम समुदाय की एकता और हितों को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए किसी भी प्रकार का सहयोग जारी रखना संभव नहीं है।

इस फैसले के बाद एआईएमआईएम ने स्पष्ट किया है कि वह अब पश्चिम बंगाल में अकेले ही चुनावी मैदान में उतरेगी। पार्टी ने राज्य के मुस्लिम समुदाय की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से सत्ता में रही पार्टियों के बावजूद यह वर्ग विकास और प्रतिनिधित्व के मामले में पीछे रहा है।

टीएमसी ने लगाए गंभीर आरोप, वीडियो किया जारी

इसी बीच चुनावी माहौल के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने हुमायूं कबीर को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि इसमें कबीर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े लोगों के बीच कथित गुप्त बातचीत दिखाई देती है।

टीएमसी का आरोप है कि इस वीडियो में कबीर को भाजपा नेताओं से संपर्क और आगामी चुनाव में ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने की रणनीति पर चर्चा करते हुए दिखाया गया है। पार्टी ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताते हुए मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की है।

टीएमसी नेताओं के अनुसार यह वीडियो लगभग 19 मिनट लंबा है और पिछले वर्ष 19 दिसंबर का बताया जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पार्टी नेताओं ने यह भी दावा किया कि कबीर विभिन्न राजनीतिक और शीर्ष स्तर के संपर्कों में थे और यह एक बड़े राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा हो सकता है।