नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में समुद्री मार्गों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर भारत ने गंभीर चिंता जताई है। खासकर भारतीय नाविकों से जुड़े जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर विदेश मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इन घटनाओं को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि ऐसे हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए।

हाल ही में ओमान के तट के पास एक जहाज पर हुए हमले में सवार तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है। शुरुआत में उन्हें लापता बताया गया था, लेकिन बाद में उनकी मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि की गई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़े कई मामले सामने आए हैं, जिन पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि भारत अपने समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

प्रवक्ता ने यह भी बताया कि ओमान के पास हुए हालिया हमले को लेकर भारत ने अमेरिका के चार्ज डी’एफेयर्स (CDA) के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व में जारी तनाव का सीधा असर समुद्री व्यापार और नागरिक जहाजों पर पड़ रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है।

शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, 8 जून से अब तक भारतीय नाविकों से जुड़े तीन अलग-अलग जहाजों को निशाना बनाया गया है। पहले मामले में ‘मैरिवेक्स’ जहाज में आग लगने की सूचना मिली थी, जिसमें मौजूद सभी 24 भारतीय क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया।

इसके बाद 10 जून को ‘एमटी सेटेबेलो’ पर हमला हुआ, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे। इस घटना में 3 नाविकों की मौत हो गई, जबकि बाकी 21 को बचा लिया गया।

तीसरी घटना 11 जून को सामने आई, जब ‘एमटी जलवीर’ को निशाना बनाया गया। इस जहाज पर मौजूद सभी 20 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।