विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत की स्थिति सार्वजनिक की। उन्होंने रूस और वेनेजुएला से तेल खरीद, ईरान-अमेरिका तनाव, वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और अमेरिका में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ कार्यक्रम में भारत की भूमिका पर बात की।

वेनेजुएला और रूस से तेल खरीद पर रुख
जायसवाल ने कहा कि भारत ने रूस और वेनेजुएला से तेल खरीदने के संबंध में अपनी नीति पहले ही स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि वेनेजुएला से तेल तभी खरीदा जाएगा जब यह व्यावसायिक रूप से लाभकारी होगा, यानी कीमत, गुणवत्ता और लॉजिस्टिक्स उपयुक्त हों। रूस से तेल खरीद के फैसले भी राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिए जाएंगे।

ईरान-यूएस तनाव पर सतर्क नजर
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बारे में बताते हुए जायसवाल ने कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा, द्विपक्षीय संबंध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्राथमिकता देता है। मंत्रालय लगातार वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के संपर्क में है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बांग्लादेश के साथ मजबूत संबंध
जायसवाल ने बांग्लादेश के साथ भारत के ऐतिहासिक और मजबूत रिश्तों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई सरकार के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक बहुआयामी बनाने के लिए भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की जाएगी।

‘बोर्ड ऑफ पीस’ में भारत की भागीदारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ कार्यक्रम में भारत ने पर्यवेक्षक के रूप में हिस्सा लिया। जायसवाल ने बताया कि भारत ने गाजा पीस प्लान का स्वागत किया है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के तहत चल रहे प्रयासों का समर्थन करता है।

वेस्ट बैंक और अमेरिका-भारत व्यापार
इस्राइल के वेस्ट बैंक विस्तार पर हालिया बयान पर कहा गया कि यह कोई सहमति से तैयार दस्तावेज नहीं था। भारत ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति पहले ही भारत-अरब लीग मंत्रिस्तरीय बैठक में व्यक्त की थी। इसके अलावा, भारत और अमेरिका ने साझा बयान जारी किया है और पारस्परिक लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए वार्ता जारी रखी जा रही है। भारत की टीम अगले सप्ताह अमेरिका में वार्ता करेगी।