नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल शनिवार को ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ (VBYLD) के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए और युवाओं से सीधे संवाद किया। इस अवसर पर डोभाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऐसे मुकाम पर कदम रखा है कि अगर देश ऑटोपायलट पर भी चलता रहे, तब भी यह विकसित राष्ट्र बन जाएगा।

युवाओं को संवाद में अनुभव साझा किया
अजीत डोभाल ने कहा, "मेरा अनुभव अलग है, मेरा कार्यक्षेत्र अलग है, और आपकी उम्र मुझसे 60 साल छोटी है। मैं थोड़ी हिचकिचाहट में था कि आऊँ या नहीं। मेरा जन्म स्वतंत्र भारत से पहले हुआ था, और मेरी जवानी पीछे छूट चुकी है।"

डोभाल ने यह भी कहा कि निर्णय लेने की क्षमता जीवन की दिशा तय करती है। "आप हर दिन छोटे-बड़े फैसले लेते हैं। उम्र बढ़ने के साथ ये फैसले और महत्वपूर्ण हो जाएंगे। और इस प्रक्रिया में, भारत निश्चित रूप से विकसित होगा।"

शक्ति और स्वतंत्रता पर जोर
एनएसए ने कहा, "दुनिया में संघर्ष इसीलिए होते हैं क्योंकि कुछ देश दूसरों पर अपनी इच्छा थोपना चाहते हैं। लेकिन यदि आप शक्तिशाली हैं और आत्मविश्वास रखते हैं, तो स्वतंत्र रह सकते हैं। सत्ता और हथियारों का सही इस्तेमाल तभी संभव है जब आत्मविश्वास हो। हमारे देश का नेतृत्व आज इस दृष्टि से प्रेरणादायक है।" उन्होंने नेपोलियन का उद्धरण भी साझा किया: "मैं 1000 शेरों के नेतृत्व में एक भेड़ से नहीं डरता, बल्कि 1000 भेड़ों के नेतृत्व में एक शेर से डरता हूँ।"

इतिहास और भारत की अर्थव्यवस्था
डोभाल ने ‘विश्व अर्थव्यवस्था का इतिहास’ पुस्तक का जिक्र करते हुए बताया कि 1700 वर्षों तक भारत और कभी-कभी चीन ने विश्व अर्थव्यवस्था का नेतृत्व किया। "भारत ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था में कई ऊंचाइयों को छुआ, लेकिन स्थायित्व नहीं रहने के कारण पतन भी हुआ। राष्ट्र को मजबूत बनाए रखना और देशभक्ति का अभ्यास निरंतर जारी रहना चाहिए।"

शहीदों और बलिदान का स्मरण
एनएसए ने युवाओं को इतिहास के उदाहरण देते हुए बताया कि स्वतंत्रता की कीमत हमारे पूर्वजों ने चुकाई। भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी जैसे नेताओं ने अपने जीवन और संघर्ष से हमें यह रास्ता दिखाया। डोभाल ने कहा, "आज हमारे युवाओं में वही जोश है। हालांकि बदला लेना सही शब्द नहीं है, लेकिन हमें अपने मूल्यों के आधार पर एक महान भारत का निर्माण करना है।"