कर्नाटक के हुबली शहर में मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता के साथ पुलिस हिरासत में कथित बदसलूकी का मामला सामने आया। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लेते समय पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हुई, जिसमें महिला के कपड़े क्षतिग्रस्त हो गए।
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो में महिला एक बस के भीतर दिखाई दे रही है, जहां पुरुष और महिला पुलिसकर्मी उसे घेरे हुए हैं। फुटेज में महिला आपत्ति दर्ज कराते हुए विरोध करती नजर आती है, जबकि इसी दौरान कथित तौर पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनती दिख रही है।
हिरासत की वजह क्या थी?
सूत्रों के अनुसार, महिला कार्यकर्ता को कांग्रेस की पार्षद सुवर्णा कल्लाकुंटला की शिकायत पर हिरासत में लिया गया था। मामला राज्य में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि महिला ने कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर मतदाता सूची से नाम हटाने में भूमिका निभाई। हालांकि, महिला ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
महिला सुरक्षा पर सियासी बयानबाज़ी
इस घटना के बाद भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में किसी महिला के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं के साथ इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, तो यह राज्य में महिला सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे राजनीतिक असहमति को दबाने का तरीका बताया।
कांग्रेस-भाजपा समर्थकों के बीच पहले से तनाव
बताया जा रहा है कि संबंधित महिला पहले कांग्रेस से जुड़ी थीं और हाल ही में भाजपा में शामिल हुई थीं। इसी वजह से दोनों दलों के समर्थकों के बीच पहले भी तनाव रहा है, जो अब खुलकर सामने आ गया। घटना के बाद से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, महिला कार्यकर्ता के साथ हिरासत में कथित व्यवहार को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग तेज होती जा रही है।