ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शन और हिंसक घटनाओं को देखते हुए भारत सरकार ने वहां मौजूद अपने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। सरकार ने सभी भारतीय छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी में कहा गया है कि भारतीय नागरिक उपलब्ध सभी साधनों, जैसे कमर्शियल उड़ानों और अन्य परिवहन विकल्पों का उपयोग कर सुरक्षित रूप से ईरान से बाहर निकलें। इसके साथ ही नागरिकों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की भी चेतावनी दी गई है।
सरकार ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों और पीआईओ (Persons of Indian Origin) से आग्रह किया है कि वे किसी भी विरोध-प्रदर्शन या अशांत इलाकों में जाने से बचें, स्थानीय हालात पर नजर रखें और नियमित रूप से तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क में रहें। साथ ही, सभी नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने पासपोर्ट और अन्य पहचान पत्र हमेशा साथ रखें।
विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मदद या जानकारी के लिए भारतीय नागरिक सीधे दूतावास से संपर्क कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
इसी बीच, ईरान में जारी प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में मृतकों की संख्या बढ़कर 2,572 हो गई है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार यह आंकड़ा दशकों में देश में हुए किसी भी विरोध प्रदर्शन की तुलना में अधिक है और इसे 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान फैली अराजकता के साथ जोड़ा जा रहा है। ईरान के प्रधान न्यायाधीश ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और कड़ी सजा की संभावना जताई है।
अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ ने भी बुधवार तक मृतकों की संख्या 2,571 से बढ़कर 2,572 होने की पुष्टि की। इस खबर के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व को चेतावनी दी कि वे किसी भी प्रकार की बातचीत समाप्त कर सकते हैं और कड़ा कदम उठा सकते हैं।