नई दिल्ली। दुबई में मजदूरी कर रहे बेटे की मौत के बाद उसकी पार्थिव देह भारत लाने के लिए एक मां ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार समेत अन्य पक्षों से जवाब मांगा और अगली सुनवाई 16 मार्च के लिए तय की।
अदालत ने मांगी मौत की स्पष्ट जानकारी
इस याचिका को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के समक्ष रखा गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता से बेटे की मौत की तारीख और कारण स्पष्ट करने को कहा। महिला के वकील ने बताया कि 4 फरवरी को उन्हें दुबई में बेटे की मौत की सूचना मिली, जबकि वास्तविक मृत्यु 4 दिसंबर को हुई थी। अदालत ने सवाल किया कि बिना पूरी जानकारी के कैसे आदेश दिया जा सकता है।
पार्थिव देह भारत लाने की वजह
महिला ने याचिका में कहा कि वह अंतिम संस्कार और धार्मिक रस्में पूरे करने के लिए अपने बेटे की देह भारत लाना चाहती है। दुबई में उसके पास कोई परिचित नहीं है, जो यह प्रक्रिया करवा सके। अदालत ने पूछा कि क्या वहाँ कोई और व्यक्ति देह लाने में मदद कर सकता है, जिस पर वकील ने ‘नहीं’ में जवाब दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
अदालत ने केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है और कहा कि पूरी जानकारी मिलने के बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा। यह मामला उन परिवारों की मुश्किलें उजागर करता है, जिनके सदस्य विदेश में काम करते हैं और अनहोनी होने पर कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करते हैं।