नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा की नई तारीख का ऐलान कर दिया है। अब यह परीक्षा देशभर में 21 जून को आयोजित की जाएगी। इससे पहले यह परीक्षा 3 मई को कराई गई थी, लेकिन पेपर लीक की आशंका और अनियमितताओं के आरोपों के बाद यह मामला जांच के घेरे में आ गया था।

सरकार ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। एनटीए की ओर से पहले ही संकेत दिए गए थे कि जांच के चलते परीक्षा की संशोधित तारीख जल्द घोषित की जाएगी। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं देनी होगी।

उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया फैसला

इस मुद्दे पर गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा संचालन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को दोबारा व्यवस्थित करना और भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचाव सुनिश्चित करना था।

सरकार का कहना है कि इस बार परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ आयोजित किया जाएगा, ताकि छात्रों के हितों की रक्षा हो सके और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज

इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर NEET-UG को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था की मांग उठाई है। उन्होंने सुझाव दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नीट परीक्षा में छूट दी जाए और राज्यों को 12वीं के अंकों के आधार पर मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिले की अनुमति दी जाए।

फिलहाल यह मामला जांच और नई परीक्षा तिथि के ऐलान के बाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।