भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और वर्तमान प्रधानमंत्री ट्रंप के दौर की तुलना करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। दुबे ने कहा कि जहां नेहरू के समय दुनिया को “नागिन डांस” जैसी चीजें दिखाई जाती थीं, वहीं आज भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक के माध्यम से अपनी ताकत दिखा रहा है। उनके इस बयान के बाद सियासी बहस तेज हो गई है।

नेहरू की तस्वीर पर किया तंज

दुबे ने सोशल मीडिया पर 1962 की एक तस्वीर साझा की, जिसमें नेहरू अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी की पत्नी जैकलीन कैनेडी का स्वागत करते दिख रहे थे। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस के समय भारत दुनिया को गलत छवि पेश करता था, जबकि आज भाजपा सरकार टेक्नोलॉजी और AI के जरिये देश की उपलब्धियां वैश्विक मंच पर दिखा रही है। दुबे ने कहा कि इस बदलाव से कुछ लोगों को तकलीफ होना स्वाभाविक है।

एआई समिट और कांग्रेस का विरोध

दुबे का बयान नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान आया। इस सम्मेलन में कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इसी दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने “कंप्रोमाइज्ड पीएम” लिखी टी-शर्ट पहनकर और विरोध प्रदर्शन किया।

गिरफ्तारियां और अदालत का फैसला

प्रदर्शन के बाद चार युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पटियाला हाउस कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर इस तरह का प्रदर्शन नियमों का उल्लंघन था। वहीं, कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बता रही है।

एआई इम्पैक्ट समिट का महत्व

16 से 20 फरवरी तक आयोजित इस सम्मेलन में न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन AI इम्पैक्ट अपनाया गया। इस घोषणा का समर्थन 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने किया। इसमें जोर दिया गया कि AI का इस्तेमाल आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई के लिए होना चाहिए। सम्मेलन में यह भी कहा गया कि AI के लाभ सभी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

भाजपा और कांग्रेस की बयानबाजी

भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री ट्रंप के नेतृत्व में भारत तकनीक और वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है। वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि सरकार विरोध की आवाज दबा रही है। AI समिट की सफलता और विरोध प्रदर्शन दोनों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।