तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में अंदरूनी हलचल और कथित टूट की चर्चाओं के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी के बयान पर संयमित रुख अपनाते हुए कहा कि वह उनके प्रति सम्मान रखते हैं और उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कल्याण बनर्जी उनसे उम्र और अनुभव दोनों में बड़े हैं, इसलिए उन्हें अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, “उन्होंने मुझे बचपन से देखा है, मैं उनके खिलाफ कुछ नहीं कहूंगा।”

सीआईडी समन और जांच पर क्या बोले

जाली हस्ताक्षर मामले में सीआईडी द्वारा समन भेजे जाने को लेकर अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे पहले भी सीआईडी के समक्ष पेश हो चुके हैं और करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ चली थी। उन्होंने कहा कि उन्हें 14 जून को फिर बुलाया गया है और वह उसमें भी शामिल होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश वह मौजूद न हों तो नोटिस किसी अन्य को दिया जा सकता है, लेकिन प्रक्रिया के अनुसार ही कार्रवाई होनी चाहिए।

राजनीतिक आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया

अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के हिसाब से उनके खिलाफ मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि कथित भड़काऊ बयानों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की जाती।

उन्होंने आरोप लगाया कि जांच से जुड़ी जानकारियां मीडिया में लीक की जा रही हैं, जिसके खिलाफ वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे।

“हम पीछे हटने वाले नहीं”

टीएमसी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी और नेता किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हमें एजेंसियों से डर नहीं लगता और हम एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।”

इस बीच, टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी अपने मामलों का जवाब खुद देने में सक्षम हैं और इस पर उनकी कोई टिप्पणी नहीं है।