नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को घोषणा की कि भारत का पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत, समुद्र प्रताप, अब पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस जहाज के चालू होने से देश की आत्मनिर्भरता मजबूत हुई है और यह भारत की पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को इस पोत का शुभारंभ किया था। यह तटरक्षक बल का अब तक का सबसे बड़ा जहाज है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भारतीय तटरक्षक पोत समुद्र प्रताप का कमीशन होना कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती देता है, हमारे सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करता है और स्थिरता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
पोत की विशेषताएँ और भूमिका
समुद्र प्रताप का मुख्य उद्देश्य समुद्री प्रदूषण से निपटना है। इसके अलावा यह पोत समुद्री कानून प्रवर्तन, खोज और बचाव अभियानों और भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाएगा।
जहाज अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है, जिनमें शामिल हैं:
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साइड-स्वीपिंग आर्म्स और फ्लोटिंग बूम
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उच्च क्षमता वाले स्किमर और पोर्टेबल बजरा
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प्रदूषण नियंत्रण प्रयोगशाला
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बाहरी अग्निशमन प्रणाली
इसके अलावा, पोत में डायनेमिक पोजिशनिंग, एकीकृत ब्रिज सिस्टम, प्लेटफॉर्म प्रबंधन प्रणाली और स्वचालित पावर प्रबंधन जैसी उन्नत प्रणालियाँ भी हैं, जो संचालन को अधिक कुशल और स्वचालित बनाती हैं।
समुद्र प्रताप न केवल भारत के समुद्री तटों और जल निकायों की सुरक्षा में योगदान देगा, बल्कि यह देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय सुरक्षा के प्रयासों का भी प्रतीक है।