प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया। इस नई एटीएमपी (Assembly, Test, and Packaging) फैसिलिटी को भारत के टेक्नोलॉजी भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है और उम्मीद है कि इससे देश की ग्लोबल सप्लाई चेन में भूमिका और मजबूत होगी।
भारत की टेक लीडरशिप की दिशा में मील का पत्थर
उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह फैसिलिटी भारत की टेक्नोलॉजी लीडरशिप की यात्रा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने से भारत वैश्विक वैल्यू चेन में अपनी पकड़ मजबूत कर सकेगा। AI समिट के बाद इसे देश की हाई-टेक क्षमता का एक और प्रदर्शन माना जा रहा है।
मेमोरी चिप्स से मजबूत होगा इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्लांट में SSD, DRAM और NAND जैसे स्टोरेज प्रोडक्ट्स तैयार होंगे। ये मेमोरी चिप्स कैमरा, मोबाइल, सर्वर और डेटा सेंटर जैसे उपकरणों में इस्तेमाल होते हैं। मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री डिजिटल दुनिया की नींव है और भारत अब इस वैश्विक मानचित्र पर अपनी जगह बना चुका है।
The inauguration of Micron’s semiconductor facility marks a milestone in India’s journey towards technology leadership.
https://t.co/6b9FBoBK8k
— Narendra Modi (@narendramodi) February 28, 2026
रोजगार, निवेश और ग्लोबल सप्लाई चेन को मिलेगा बूस्ट
The inauguration of Micron’s semiconductor facility marks a milestone in India’s journey towards technology leadership.
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माइक्रोन ने साणंद प्लांट में लगभग 22,516 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वर्तमान में यहां लगभग 2,000 लोग कार्यरत हैं और भविष्य में प्रत्यक्ष रोजगार के 5,000 अवसर पैदा होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस यूनिट में दिव्यांग नागरिक भी ऑपरेटर और टेक्नीशियन के रूप में कार्य कर रहे हैं। अमेरिकी राजदूत ने इसे भारत की ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में औपचारिक प्रवेश बताया। पूरी क्षमता पर पहुँचने के बाद यह प्लांट दुनियाभर के ग्राहकों की मांग पूरी करेगा।