नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को एक खुला पत्र लिखा है, जिससे राज्य में राजनीतिक हलचल फिर तेज हो गई है। पत्र में उन्होंने ‘एबार भाजपा सरकार’ का नारा देते हुए राज्य की वर्तमान सरकार पर सीधे हमले किए और बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।
सोनार बंगाल का सपना और जनता की चिंता
प्रधानमंत्री ने पत्र की शुरुआत जय मां काली से की और लिखा कि कुछ महीनों में पश्चिम बंगाल का भविष्य तय होगा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेगा। मोदी ने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र की सरकार ने जनकल्याण और समग्र विकास को प्राथमिकता दी है और किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए चलाई गई योजनाओं के परिणाम सामने आए हैं।
केंद्र की योजनाओं का हवाला
पीएम मोदी ने कहा कि राज्य सरकार के असहयोग के बावजूद पश्चिम बंगाल के करीब 5 करोड़ लोग जन-धन योजना से जुड़े हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत 85 लाख शौचालय बने और उज्ज्वला योजना से 1 करोड़ से अधिक परिवारों को गैस कनेक्शन मिला। अटल पेंशन योजना के तहत 56 लाख वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हुए और किसान सम्मान निधि के तहत 52 लाख से अधिक किसानों को आर्थिक मदद दी गई। छोटे व्यापारियों को 2.82 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया गया।
कुशासन और तुष्टिकरण पर आरोप
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास में अग्रणी था, लेकिन अब स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने छह दशकों के कुशासन और तुष्टिकरण की राजनीति को राज्य की गिरती स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। मोदी ने आरोप लगाया कि रोजगार की कमी से युवा पलायन कर रहे हैं और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो रहा है।
अवैध घुसपैठ और हिंसा
प्रधानमंत्री ने अवैध घुसपैठ और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती आज अराजकता में फंसी है। नकली वोटरों की समस्या का भी जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य को अंधकार से बाहर निकालने की जरूरत बताई।
मतदाताओं से बदलाव का आह्वान
पत्र के अंत में पीएम मोदी ने मतदाताओं से बदलाव के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं से कई राज्यों में जीवन स्तर सुधरा है और पश्चिम बंगाल भी इसके हकदार है। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि अब समय आ गया है कि राज्य विकास और सुशासन की दिशा चुने।