केरल हाईकोर्ट ने कथित दुष्कर्म और जबरन गर्भपात के मामले में निष्कासित कांग्रेस विधायक राहुल ममकुटाथिल को मिली गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा को आगे बढ़ा दिया है। बुधवार को न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन की एकल पीठ ने यह राहत दो सप्ताह के लिए जारी रखते हुए मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को निर्धारित की। इससे पहले अदालत ने 18 दिसंबर 2025 को यह संरक्षण 7 जनवरी तक बढ़ाया था।

अदालत में ममकुटाथिल की दलील

इस प्रकरण में ममकुटाथिल ने तिरुवनंतपुरम के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। अपनी याचिका में उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि मामले में उनकी हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने यह भी दलील दी कि शिकायतकर्ता के साथ उनका संबंध सहमति पर आधारित था और आपसी मतभेद बढ़ने के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता ने भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अग्रिम जमानत का विरोध किया है और स्वयं को मामले में पक्षकार बनाए जाने की मांग की है।

आरोपों के बाद पार्टी से निष्कासन

यौन उत्पीड़न और जबरन गर्भपात के आरोप दर्ज होने के बाद ममकुटाथिल कुछ समय तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे। हालांकि, 6 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद वे सामने आए और 11 दिसंबर को पालक्काड में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में मतदान भी किया। उल्लेखनीय है कि इन गंभीर आरोपों के चलते कांग्रेस ने 4 दिसंबर 2025 को उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।