कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर 24 परगना के स्वरूपनगर में आयोजित रैली के दौरान भाजपा पर जोरदार हमला बोला।
🗣️ “भाजपा पर भरोसा नहीं किया जा सकता” – ममता
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा कि सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन भाजपा पर नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए बाहरी राज्यों से लोगों को लाकर रणनीति बनाती है।
🚆 असम चुनाव और बाहरी लोगों का मुद्दा
ममता ने असम चुनाव का उदाहरण देते हुए दावा किया कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में लोगों को चुनावी काम के लिए असम भेजा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह की रणनीति बंगाल में भी अपनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार होने के कारण विभिन्न एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
🧾 मतदाता सूची और NRC पर आरोप
टीएमसी प्रमुख ने दावा किया कि मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए गए हैं, जिनमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम राजनीतिक लाभ के लिए उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने असम में NRC प्रक्रिया का भी जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी लाखों लोगों के नाम सूची से हटाए गए थे, जिनमें बड़ी संख्या में हिंदू मतदाता शामिल थे।
⚖️ चुनावी माहौल और प्रशासनिक बदलाव पर टिप्पणी
ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव की घोषणा के बाद बंगाल में कई प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
🍛 “भाजपा सरकार में खान-पान पर भी रोक” – ममता का दावा
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनी तो लोगों की खान-पान की स्वतंत्रता पर भी असर पड़ सकता है, यहां तक कि मांसाहार पर प्रतिबंध जैसी स्थिति बन सकती है।
🎯 ‘सोनार बांग्ला’ पर तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सोनार बांग्ला’ विजन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा पहले दूसरे राज्यों में बंगाल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, उसके बाद ही ऐसे वादे करे।
⛽ महंगाई और ऊर्जा संकट पर हमला
मेदिनीपुर में एक रोड शो के दौरान ममता ने केंद्र सरकार पर महंगाई को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आम लोगों पर बोझ बढ़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में परिवहन से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक हर चीज महंगी हो गई है, जिससे आम जनता सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है।