राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में चल रहे ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के पांचवें दिन राजनीतिक रंग तब गहरा गया, जब भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। कुछ कार्यकर्ता ‘भारत मंडपम’ परिसर के बाहर शर्ट उतारकर नारेबाजी करते नजर आए, जिससे कार्यक्रम के इर्द-गिर्द सियासी हलचल तेज हो गई।

युवा कांग्रेस का पक्ष

युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने इस प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि यह बेरोजगार युवाओं की नाराजगी का प्रतीक है। उनके मुताबिक ‘पीएम कॉम्प्रोमाइज’ महज नारा नहीं, बल्कि उन युवाओं की आवाज है जो खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
चिब ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इससे किसानों और आम नागरिकों के हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी एआई समिट या तकनीकी प्रगति के खिलाफ नहीं है, लेकिन देशहित से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए चिब ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताना अधिकार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों को रोका जाता है और सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना से जुड़ी पोस्ट हटाई जाती हैं।

सरकार और भाजपा की प्रतिक्रिया

विवाद बढ़ने के बाद केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विपक्ष पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एआई समिट भारत की तकनीकी क्षमताओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर है और इसे राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।

वहीं भाजपा सांसद संबित पात्रा ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने इस घटनाक्रम के लिए कांग्रेस नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया।

सियासी बहस तेज

एआई समिट के बीच हुआ यह प्रदर्शन अब राष्ट्रीय राजनीति में बहस का विषय बन गया है। एक ओर विपक्ष इसे युवाओं और किसानों की आवाज बता रहा है, तो दूसरी ओर सत्तापक्ष इसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन में बाधा डालने की कोशिश करार दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।