सूरत। गुजरात के सूरत शहर के वेसू इलाके में एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लिफ्ट फंसने से बड़ा हादसा टल गया। कैनाल रोड स्थित एक कॉम्प्लेक्स में सात लोग करीब 45 मिनट तक लिफ्ट के अंदर फंसे रहे, जिन्हें बाद में फायर ब्रिगेड की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बेसमेंट में जाते समय अचानक बंद हुई लिफ्ट
जानकारी के अनुसार, लिफ्ट में सात लोग सवार थे और यह माइनस-थ्री बेसमेंट की ओर जा रही थी, तभी अचानक तकनीकी खराबी आने से बीच में ही रुक गई। लिफ्ट रुकते ही वेंटिलेशन सिस्टम और पंखे बंद हो गए, जिससे अंदर घुटन और घबराहट की स्थिति बन गई।
फंसे लोगों में 7 वर्षीय बच्चा भी शामिल था। सभी की पहचान मेवंत चावड़ा (7), रिद्धिमा चावड़ा, दिव्यांग सरोलिया, नंदन शर्मा, नीता पटेल और कल्पेश पटेल सहित अन्य के रूप में हुई है।
संपर्क व्यवस्था ठप, बढ़ी मुश्किलें
बताया जा रहा है कि लिफ्ट बेसमेंट में फंसने के कारण मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं कर रहा था, जिससे लोग बाहर संपर्क नहीं कर पाए। इसके अलावा, अंदर लगी इमरजेंसी अलार्म बेल भी काम नहीं कर रही थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
समय बीतने के साथ ही लिफ्ट में तापमान बढ़ता गया और लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। बच्चा घबरा गया और रोने लगा, जिससे अन्य लोग भी परेशान हो गए। मजबूर होकर लोगों ने दरवाजा पीटकर मदद के लिए आवाज लगाई।
फायर ब्रिगेड ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत सूरत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही वेसू फायर स्टेशन की टीम सब-फायर ऑफिसर किशोर पटेल के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
फायर टीम ने पाया कि लिफ्ट का दरवाजा हाइड्रॉलिक लॉक में फंसा हुआ था, जिसे सामान्य तरीके से खोलना संभव नहीं था। इसके बाद भारी उपकरणों की मदद से दरवाजा काटकर खोलने की कोशिश शुरू की गई।
15 मिनट में सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया
करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद फायरकर्मियों ने लिफ्ट का दरवाजा खोलकर सभी सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सबसे पहले बच्चे को बाहर निकाला गया, उसके बाद अन्य लोगों को रेस्क्यू किया गया।
बाहर निकलने के बाद सभी को हल्की घबराहट और सांस लेने में परेशानी महसूस हुई, जिसके चलते प्राथमिक उपचार और पानी दिया गया। राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर शहर के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लिफ्ट की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।