पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना रोड इलाके में शनिवार रात उस समय तनाव फैल गया, जब विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की गाड़ी पर कथित रूप से हमला किया गया। शुभेंदु अधिकारी पुरुलिया में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। घटना के बाद उन्होंने सीधे चंद्रकोना थाने पहुंचकर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और वहीं धरने पर बैठ गए।

शुभेंदु अधिकारी का आरोप है कि 12 से 15 लोगों के एक समूह ने उनकी कार को निशाना बनाया। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों के पास पेट्रोल और डीजल मौजूद था और यह पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई। विपक्ष के नेता ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह हमला सुनियोजित था और इसमें पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि शुक्रवार रात करीब 8:20 बजे जब वह पुरुलिया से लौट रहे थे, तभी चंद्रकोना रोड पर उनकी गाड़ी पर हमला किया गया। शुभेंदु के मुताबिक, राज्य सरकार की कथित हिंसक राजनीति से प्रोत्साहित असामाजिक तत्वों ने पुलिस के सामने इस घटना को अंजाम दिया, जबकि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहे।

विपक्ष के नेता ने इसे केवल व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि राज्य में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल जनता के बढ़ते असंतोष से घबराया हुआ है और इसी कारण हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

बताया जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी जब चंद्रकोना रोड से गुजर रहे थे, उस समय सड़क के एक ओर भाजपा समर्थक मौजूद थे, जबकि दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के झंडे लिए लोग खड़े थे। इसी दौरान विवाद बढ़ा और कार पर हमला हुआ। स्थिति बिगड़ती देख केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान तुरंत वाहन के आगे आ गए।

घटना के बाद अधिकारी ने कुछ दूरी पर गाड़ी रुकवाई और पार्टी कार्यकर्ताओं से जानकारी ली। जब पता चला कि आरोपी मौके से फरार हो चुके हैं, तो वह सीधे पुलिस थाने पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि पश्चिम मेदिनीपुर में उन्हें सभी दलों के लोगों का समर्थन मिलता रहा है और इस तरह की घटना की उन्हें उम्मीद नहीं थी।