नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच एलपीजी आपूर्ति को लेकर बढ़ी शंकाओं के बीच, केंद्र सरकार ने दुकानदारों, होटलों और रेस्टोरेंट संचालकों से अपील की है कि यदि उनके पास पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, तो तुरंत इसका कनेक्शन लें। इसका उद्देश्य एलपीजी सिलेंडरों पर दबाव कम करना और घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में एलपीजी की कमी जैसी कोई स्थिति नहीं है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि हाल ही में एलपीजी की बुकिंग में अचानक वृद्धि देखने को मिली है। सामान्य दिनों में रोजाना लगभग 55.7 लाख सिलेंडरों की बुकिंग होती थी, जबकि गुरुवार को यह संख्या 76 लाख तक पहुंच गई।
देश में लगभग 1.5 करोड़ PNG कनेक्शन पहले से मौजूद हैं, और 60 लाख और ऐसे घर हैं जहाँ यह सुविधा उपलब्ध है। सरकार का कहना है कि जिन घरों के पास PNG कनेक्शन है, उन्हें एलपीजी की बजाय इस विकल्प का इस्तेमाल करना चाहिए।
सिटी गैस वितरक एजेंसियों को कहा गया है कि PNG कनेक्शन देने में तेजी दिखाई जाए और वाणिज्यिक इकाइयों को सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार और राजमार्ग प्राधिकरण से तुरंत मंजूरी ली जाए।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के बाद से देश की रिफाइनरियों ने एलपीजी उत्पादन 30% तक बढ़ा दिया है। इसके बावजूद भी बाजार में अचानक बढ़ी मांग के कारण जमाखोरी और कालाबाजारी की संभावनाओं को रोकने के लिए राज्य और जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक में पेट्रोलियम मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के सचिवों ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा की। सरकार ने एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी और कार्रवाई को तेज करने के आदेश दिए हैं। उत्तर प्रदेश और राजस्थान की राज्य सरकारों ने भी जिला प्रशासन और पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।