नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया कार्रवाई के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को टीएमसी के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई सांसदों को हिरासत में ले लिया, जबकि अन्य को मौके से हटा दिया गया।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने ईडी का इस्तेमाल गलत मंशा से किया और पार्टी से जुड़ी रणनीतिक व राजनीतिक जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई। महुआ ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं हैं और पार्टी की संपत्तियों की रक्षा की गई है।
अमित शाह कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
टीएमसी सांसदों ने अमित शाह के दफ्तर के बाहर शांतिपूर्ण धरना दिया। इस दौरान सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा को पुलिस हिरासत में लिया गया। सांसद कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में केंद्र सरकार ने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती और चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाया गया।
लोकतंत्र को कुचलने का आरोप
टीएमसी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि असहमति की आवाज को दबाने के लिए लोकतांत्रिक तरीकों की अनदेखी की जा रही है। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर पुलिस कार्रवाई कर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। टीएमसी का कहना है कि पहले केंद्रीय एजेंसियों का कथित दुरुपयोग हुआ और अब शांतिपूर्ण विरोध को भी दबाया जा रहा है।
पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई सरकार की बेचैनी और डर को दर्शाती है। टीएमसी ने दो टूक कहा कि बंगाल किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और लोकतंत्र व जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी।
ईडी की कार्रवाई का पृष्ठभूमि
दरअसल, ईडी ने कोयला चोरी से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत गुरुवार को कोलकाता में आई-पैक के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी अभियान चलाया था। इसी कार्रवाई के बाद टीएमसी ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि चुनावों से पहले केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तलाशी के दौरान महत्वपूर्ण डेटा और दस्तावेजों को जब्त किया गया। बनर्जी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार एक ओर बड़े आयोजनों के लिए संसाधन उपलब्ध कराती है, जबकि बंगाल को उसके हक का पैसा नहीं दिया जाता।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस और राज्य सरकार दोनों पर हमले किए जा रहे हैं, लेकिन इंसाफ और मानवता की लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रहेगी।