पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और चुनावी सभाओं में नेताओं के तीखे बयान सामने आ रहे हैं।
ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला
बीरभूम के सूरी में आयोजित एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम को लेकर युवाओं पर प्रभाव डालने की कोशिश की जा रही है।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि आगामी चुनावों में टीएमसी मजबूत स्थिति में रहेगी और पार्टी को 226 से अधिक सीटें मिल सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ 19 राज्यों और केंद्र सरकार के स्तर पर एकजुटता दिखाई जा रही है, लेकिन वे अकेले ही जनता के हितों के लिए संघर्ष कर रही हैं।
बीरभूम में अमित शाह का पलटवार
उसी क्षेत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी रैली को संबोधित किया और टीएमसी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और ‘कटमनी-सिंडिकेट’ व्यवस्था से आम लोग परेशान हैं।
शाह ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक में अवैध वसूली की जाती है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो इस व्यवस्था पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा और विकास पर बयान
अमित शाह ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने पर ऐसा माहौल बनाया जाएगा, जहां महिलाएं किसी भी समय सुरक्षित महसूस कर सकेंगी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार आने पर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी और सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन आयोग की सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। साथ ही महिलाओं और युवाओं के लिए आर्थिक सहायता योजनाओं की भी बात कही गई।