मुजफ्फरनगर में आयोजित एक बड़े सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हेलीकॉप्टर से पहुंचकर शिरकत की। मंच पर राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अध्यक्ष जयंत चौधरी ने उनका स्वागत किया। वहीं, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मंच से जिले का नाम बदलकर “लक्ष्मीनगर” करने की मांग भी रखी।
अहिल्याबाई चौक पर किया प्रतिमा अनावरण
मुख्यमंत्री का काफिला पुलिस लाइन हेलीपैड से अंसारी रोड होते हुए सबसे पहले जिला अस्पताल परिसर स्थित अहिल्याबाई चौक पहुंचा, जहां उन्होंने माता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद वे नुमाइश ग्राउंड पहुंचे, जहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
रोजगार मेले से युवाओं को बड़ा अवसर
नुमाइश ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए और वृहद रोजगार मेले का उद्घाटन किया। इस आयोजन के माध्यम से 10 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार अवसर मिलने का दावा किया गया है।
कार्यक्रम में ‘कौशल दर्शन’ पुस्तक का भी विमोचन किया गया और 951 करोड़ रुपये की 423 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया।
जयंत चौधरी का बयान और मंचीय संबोधन
मंच से जयंत चौधरी ने सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए युवाओं को मिल रहे अवसरों पर बात की। उन्होंने देश में स्टार्टअप सेक्टर के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि आज लाखों स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं और नई संभावनाएं बन रही हैं।
विधायक को एंट्री नहीं मिलने से विवाद
कार्यक्रम शुरू होने से पहले एक अप्रत्याशित स्थिति भी देखने को मिली, जब RLD विधायक गुलाम मोहम्मद को प्रवेश नहीं दिया गया। पुलिस ने सूची में नाम न होने का हवाला देते हुए उन्हें गेट से ही वापस लौटा दिया।
शहर में सख्त सुरक्षा और व्यवस्थाएं
मुख्यमंत्री के दौरे के चलते पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कई इलाकों में नॉनवेज होटल बंद कराए गए, जबकि शिव चौक और प्रमुख मार्गों को विशेष रूप से सजाया गया।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे रूट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, ऊंची इमारतों पर निगरानी रखी गई और ड्रोन से भी पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग की गई।
बड़ी संख्या में भीड़ जुटने की संभावना
कार्यक्रम में करीब 30 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई। इस दौरान कई मंत्री, सांसद और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।