धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और जबरन इस्तीफा दिलवाने जैसे गंभीर आरोपों के बीच आईटी कंपनी विप्रो ने स्पष्ट किया है कि उसने मामले से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए हैं और वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है। कंपनी ने कहा कि वह अपने कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल बनाए रखने के सिद्धांत पर पूरी तरह कायम है।

जांच में सहयोग कर रही है कंपनी

विप्रो ने अपने बयान में कहा कि मामला फिलहाल जांच के अधीन है, इसलिए इस पर विस्तार से टिप्पणी करना संभव नहीं है। कंपनी ने दोहराया कि वह किसी भी प्रकार के भेदभाव, उत्पीड़न या दुर्व्यवहार को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करती और कर्मचारियों की गरिमा व सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पूर्व कर्मचारी के आरोप

यह बयान एक पूर्व महिला कर्मचारी की शिकायत के बाद आया है, जो कंपनी के हिंजवाड़ी स्थित कार्यालय में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थी। महिला ने पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे धार्मिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा और उस पर नौकरी से इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया।

धर्म परिवर्तन को लेकर दबाव का दावा

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसकी एक सहकर्मी ने उस पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला और यह भी कहा कि इससे उसका जीवन बेहतर होगा। साथ ही उसे एक मुस्लिम परिचित से संबंध बनाने और धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने की बात भी कही गई।

महिला ने यह भी दावा किया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित सहकर्मी के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस जांच जारी

शिकायत के आधार पर मामला हिंजवाड़ी पुलिस तक पहुंचा है, जिसने कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई, बहाली और मुआवजे की मांग की है।

हालांकि, मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह विवाद धार्मिक उत्पीड़न से जुड़ा नहीं बताया जा रहा है और जांच जारी है।